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"श्रोती परिवार" की "स्वर्णिम कन्याओं" ने साबित किया कि बेटी है तो "कल" ही नहीं "आज" भी है

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पुणे (महाराष्ट्र) l सरकारें कह रही हैं कि बेटी है तो कल है l लेकिन "नारीतंत्र" का मानना है कि बेटी है तो कल ही नहीं, बल्कि आज भी है l "नारीतंत्र"  की इसी मान्यता की पुष्टि की है "स्वर्णिम श्रोती" कन्याओं ने  l "श्रोती परिवार" की इन दोनों कन्याओं ने न केवल "श्रोती परिवार" वरन समूचे कड़ा माणिकपुरी जिझोतिया ब्राह्मण समाज में "असीम हर्ष की" लहर दौड़ा दी है l इन दोनों बालिकाओं ने नववर्ष का यह अभिनव तोहफा देकर यह भी साबित कर दिया है कि उपलब्धियां किसी उम्र विशेष की मोहताज नहीं होती l न ही उम्र उपलब्धि हासिल करने की राह का रोड़ा बन सकती हैं l आईए जानते हैं  "श्रोती परिवार" की इन दोनों "स्वर्णिम कन्याओं"  के बारे में विस्तार से l

नेशनल कराटे फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में वर्ष 2017 की  28 और 29 दिसंबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में तीसरी साउथ एशियन इंटरनेशनल कराटे और किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया l इस आयोजन में भारत के अलावा श्रीलंका, भूटान और नेपाल के खिलाड़ियों ने भी भाग लिया l भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतियोगी भी इस प्रतियोगिता में पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ शामिल हुए l महाराष्ट्र के पुणे शहर के प्रतियोगी भी इस प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए l इनमें "श्री असीम श्रोती" और "श्रीमती हर्षिका श्रोती"  की पुत्रियां "अंशिका" और "अन्वेशा"  ने भारत का प्रतिनिधित्व किया l यह प्रतियोगिता अलग-अलग आयु वर्ग तथा अलग-अलग भार के आधार पर आयोजित की जाती है l अतः "अंशिका हर्षिका असीम श्रोती" ने 10 वर्ष से कम उम्र के वर्ग में और "अन्वेशा हर्षिका असीम श्रोती"  ने 6 वर्ष की उम्र के वर्ग में इस प्रतियोगिता में भाग लिया l "अंशिका हर्षिका असीम श्रोती" और "अन्वेशा हर्षिका असीम श्रोती" दोनों ने ही अपने अपने वर्ग में अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक हासिल किए l अंशिका और अन्वेशा दोनों ने ही अपनी उम्र के लगभग चौथे बरस से ही कराटे की ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था और उनके कोच श्री रोहित थापा के मार्गदर्शन में उनकी कराटे की शिक्षा और प्रशिक्षण अभी भी चालू है l अंशिका इस समय द्वितीय ब्राउन बेल्ट और अन्वेशा द्वितीय येलो बेल्ट हैं l  दोनों ही पुणे शहर के चेलेंजर पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत हैं l अंशिका कक्षा 4 और अन्वेशा कक्षा 2 में हैं l अंशिका और अन्वेशा की इस उपलब्धि के लिए उनके कोच के अलावा परिवार के सभी सदस्यों, मित्रों, स्कूल के कोच श्री हर्षल सर और सभी अध्यापकों ने भी उनको बधाइयां प्रेषित की हैं l  अंशिका और अन्वेशा श्रोती की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर आइए डालते हैं एक नजर l यह दोनों "स्वर्णिम पुत्रियां" हैं पुणे शहर के निवासी श्री असीम श्रोती  एवं श्रीमती हर्षिता श्रोती की l  भोपाल शहर के निवासी श्रोती परिवार के श्री ललित कुमार श्रोती इनके दादा और श्रीमती अंजू श्रोती  इनकी दादी हैं l छिंदवाड़ा जिले के पांढूर्ना शहर के निवासी श्री विनय कुमार दुबे एवं श्रीमती किरण दुबे इन "स्वर्णिम कन्याओं" के नाना एवं नानी हैं l  समाज में यह परिवार पांढूर्ना वाले दुबे जी के नाम से सुप्रसिद्ध है l जो कि वर्तमान में नागपुर शहर में निवासरत है l अंशिका और अन्वेशा की इस उपलब्धि के लिए इन दोनों "स्वर्णिम बालाओं"  को अनेकों अनेक बधाईयां और ईश्वर से इनके उज्जवल भविष्य की मनोकामना करते हुए यह शुभाशीष भी कि इसी तरह हर क्षेत्र में अपनाअपने परिवार और कड़ा माणिकपुरी जिझोतिया ब्राह्मण समाज के साथ देश का गौरव बढ़ाएं l यहां पर यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इन बच्चियों के  बड़े दादा यानी दादा जी के बड़े भाई श्री अनिल कुमार जी श्रोती और छोटे नाना यानी नानाजी के छोटे भाई श्री मदन दुबे जी कड़ा माणिकपुरी जिझोतिया ब्राह्मण समाज के सक्रिय, मिलनसार और सम्मानित व्यक्तित्व हैं l