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मेरी कलम : महिला का महत्त्व हर दिन - विनीता मौर्य

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मेरी कलम : महिला का महत्त्व हर दिन

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना कर हम क्या साबित कर रहे हैं l यह दिवस तो उस दिन से ही मनाया जा रहा है जब से इस सृष्टि की रचना हुई l  सृष्टि नियामक भगवान शिव से इ हटा दें तो शव हो जाता है l स्त्री का महत्ता स्वयं प्रभु ने ही स्पष्ट कर दिया तभी तो उन्हें अर्द्ध नारीश्वर कहा जाता है l स्त्री शक्ति है, विद्या है, लक्ष्मी है, तो फिर कमजोर कैसे हुई l उसे तो कमजोर बनाया गया है l उन लोगों द्वारा जिन्हें अपने अस्तित्व के मिटने का भय था l अन्यथा प्रारंभ गवाह है कि वह अबला नहीं सबला है l आज मैं यही संदेश देना चाहूंगी कि नारी स्वयं विद्या है तो वह स्वयं को कमजोर नहीं समझे l यदि वह ठान ले कि मुझे यह काम करना है तो निश्चित मानिये कि  वह सफल होगी l तो महिलाएं यह दिवस मना कर अपना महत्व सिर्फ एक दिन ही ना जताएं, बल्कि 365 दिन उन्हें अपना महत्व साबित करना है l इस दिवस को मनाने की सच्ची खुशी मुझे तब होगी जब यह पुरुष द्वारा मनाया जाएगा l कि हां महिला के बगैर हमारा अस्तित्व अधूरा है। 

- विनीता मौर्य

हरदा (मध्यप्रदेश)